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॥ व्रत-त्योहार ॥

प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत 2026: कल है प्रदोष व्रत, नोट करें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026आश्विन कृष्ण त्रयोदशीप्रदोष काल

गुरुवार, 8 अक्टूबर को प्रदोष व्रत है। पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर 11:16 PM से शुरू होकर 8 अक्टूबर 10:16 PM तक रहेगी। प्रदोष काल पूजा मुहूर्त 5:59 PM से 8:23 PM तक रहेगा। यह पर्व प्रदोष काल में तिथि के आधार पर मनाया जाता है।

तिथि

कृष्ण त्रयोदशी

आरंभ: 7 अक्टू॰, 11:16 PM

समाप्त: 8 अक्टू॰, 10:16 PM

प्रदोष काल पूजा मुहूर्त

5:59 PM – 8:23 PM

नई दिल्ली के अनुसार

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत हर महीने की दोनों त्रयोदशी को भगवान शिव के लिए रखा जाता है। पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है।

जिस वार को प्रदोष पड़ता है, उसी के नाम से इसे जाना जाता है, जैसे सोम प्रदोष, भौम प्रदोष या शनि प्रदोष।

अपने शहर का समय

शहरपूजा मुहूर्तसूर्योदयसूर्यास्त
नई दिल्ली5:59 PM – 8:23 PM6:17 AM5:59 PM
पटना5:29 PM – 7:53 PM5:44 AM5:29 PM
वाराणसी5:37 PM – 8:01 PM5:53 AM5:37 PM
लखनऊ5:45 PM – 8:09 PM6:01 AM5:45 PM
जयपुर6:05 PM – 8:29 PM6:22 AM6:05 PM
मुंबई6:21 PM – 8:45 PM6:30 AM6:21 PM
कोलकाता5:17 PM – 7:41 PM5:30 AM5:17 PM
बेंगलुरु6:05 PM – 8:29 PM6:09 AM6:05 PM

प्रदोष व्रत पूजा विधि

  1. 1दिनभर व्रत रखें और शाम को स्नान करें।
  2. 2प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
  3. 3प्रदोष व्रत कथा सुनें और शिव आरती करें।

मंत्र

ॐ नमः शिवाय

ध्यान रखें

  • प्रदोष काल सूर्यास्त के ठीक बाद का समय होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रदोष व्रत 2026 कब है?
प्रदोष व्रत गुरुवार, 8 अक्टूबर को है। तिथि 7 अक्टूबर 11:16 PM से 8 अक्टूबर 10:16 PM तक रहेगी।
प्रदोष व्रत पर पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
दिल्ली के अनुसार प्रदोष काल पूजा मुहूर्त 5:59 PM से 8:23 PM तक है। अपने शहर का समय ऊपर की तालिका में देखें।
प्रदोष व्रत पर किस मंत्र का जप करें?
ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप शुभ माना जाता है।

तिथि और मुहूर्त खगोलीय गणना (लाहिड़ी अयनांश) से नई दिल्ली और दिए गए शहरों के लिए निकाले गए हैं; स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर संभव है। व्रत-पूजा से जुड़ी परंपराएँ क्षेत्र और परिवार के अनुसार अलग हो सकती हैं।